17 जुलाई, 2026 दिन शुक्रवार को ककोर मुख्यालय स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय में बिजनेस सेक्टर (ईंट-भट्टा उद्योग) के करदाताओं, डीलरों और उद्यमियों के लिए विशेष “व्यापारी संवाद कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया । प्रातः 10:30 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, श्री प्रदीप कुमार के द्वारा की गयी बैठक में विभाग की ओर से सहायक आयुक्त श्री शिव शंकर चौरसिया, श्री जय सिंह यादव, श्री पंकज कुमार पाण्डेय, राज्य कर अधिकारी श्री विजय शंकर दीक्षित, प्रधान सहायक श्री सत्येन्द्र सिंह, श्री यतेन्द्र सिंह , वरिष्ठ सहायक श्री उपेन्द्र कुमार, श्रीमती ज्योती यादव तथा आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ईंट-भट्टा व्यवसायी और उनके प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को सुनना और विभाग के साथ उनके संबंधों को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाना । बैठक के दौरान ईंट-भट्टा उद्यमियों द्वारा जीएसटी (GST), टैक्स रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और अन्य व्यावहारिक संचालन से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा गया। जिसमें पुलिस द्वारा मिटटी से लदे ट्रक व डम्पर जो भटठे के लिये जाते हैं को अनावश्यक रोका जाना, मजदूरों की छोटी-छोटी शिकायतों पर बॅधुआ मजदूरी एक्ट में फॅसाने के नाम पर उत्पीडन, श्रम विभाग द्वारा अनावश्यक जॉच एवं बाल श्रम एक्ट के नाम पर उत्पीडन प्रमुख शिकायती बिन्दु रहे हैं जबकि लेवर की सप्लाई रजिस्टर्ड ठेकेदारों के माध्यम से कराने की व्यवस्था तथा केवल रजिस्टर्ड ठेकेदारों की शिकायतों पर सुनवाई बैध माने जाने तथा रॉयल्टी पर जी एस टी से छूट की मॉग को प्रमुखता से उठाया गया है ।

विभागीय अधिकारियों ने संवेदनशीलता से विचार करते हुए स्थानीय स्तर की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया । भटठा एसोशियेशन के अध्यक्ष श्री रविन्द्र सिंह द्वारा ईट भटठा व्यापारियों से सम्बन्धित शिकायतों एवं नीतिगत सुझावों को संकलित कर ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तुत किया । अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि इन सभी महत्वपूर्ण सुझावों को अग्रिम नीति-निर्धारण हेतु तत्काल लखनऊ मुख्यालय प्रेषित किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित राज्य कर अधिकारियों ने कहा कि व्यापारी देश और प्रदेश के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं। इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य किसी भी प्रकार के गतिरोध को दूर कर व्यापारियों के लिए एक सुगम और सकारात्मक व्यावसायिक माहौल तैयार करना है। आज की बैठक में ईंट-भट्टा उद्योग की समस्याओं को गहराई से समझा गया है और विभाग इनके त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। व्यापारी संगठनों से पूर्व के माहों में राजस्व में वृद्धि के लिये अभिवादन किया गया तथा चिन्हित कतिपय भटठों से अपेक्षित राजस्व में और वृद्धि के लिये निवेदन किया गया । ईंट-भट्टा संघ के पदाधिकारियों श्री चन्द्र मोहन चोपडा, श्री हरिश्चन्द्र वर्मा एवं ईट व्यवसायी श्री सतीश सिंह सेंगर, श्री सुनील द्विवेदी ने राज्य कर विभाग की इस अनूठी और सकारात्मक पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे सीधे संवाद से न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि करदाताओं का विभाग के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है ।


